आज वेहद प्रश्नता हुई जब
सेवा परमोधर्मः
विषय पर सुर्या फाउंडेशन झिंझोली के प्रशिक्षण केंद्र में देश के विभिन्न क्षेत्र से आये social media and social activities में निपुण स्वयंसेवकों को जीवन के सबसे महत्वपूर्ण अनुभव साझा किया। चरित्र निर्माण के लिए वैचारिक धनी व विश्व कल्याण की सोच के साथ सेवा को लेकर आगे बढ़ने का सपथ लें तदोपरांत स्थायी परमानन्द प्राप्त कर सकते हैं।
विश्व के संत ज्ञानी महापुरुषों के कथन जो परमार्थ निःस्वार्थ सेवा के विषय पर मिलते हैं उन्हें जीवन में धारण करने के लिए सपथ दिलाया। जीवन में जो व्यक्ति सेवा भाव नही रखता वह वास्तव में स्थायी सुख को प्राप्त कभी नही कर सकता व जीवन मूल्यों के आधार को समझ ही नही सकते,
सेवा आत्मबोध व सूर्य की भांति तपते हुए भी दूसरों को शक्ति व ऊर्जा देने का कार्य करते हैं यही सेवा का मूल भाव व उद्देश्य होता है। सूर्या साधना स्थली झिंझोली में रिफ्रेश कैम्प के सभी कार्यकर्ताओ को अनंतसाहू जी (रोजगार मंत्रलय के बोर्ड ऑफ मेम्बर) का मार्गदर्शन मिला ।



