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Glimpse of Hyderabad visit !
पूज्य स्वामी रामानुजाचार्य जी के दर्शन का आधार वेदान्त के अलावा रहस्यवादी एवं भक्तिमार्गी आलवार सन्तों के भक्ति-दर्शन तथा दक्षिण के पंचरात्र परम्परा थी। पूज्य रामानुज जी ने वेदान्त दर्शन पर आधारित अपना नया दर्शन विशिष्ट अद्वैत वेदान्त प्रतिपदि किया। 11वीं सदी के भक्ति शाखा के संत श्री रामानुजाचार्य (Saint Ramanujacharya) की याद में हैदराबाद में ‘स्टैच्यू ऑफ इक्वालिटी’ (Statue of Equality) प्रतिमा को चिन्ना जीयर स्वामीजी के (आश्रम) द्वारा 45 एकड़ के कैंपस में यह बड़ी मूर्ति
संत रामानुजाचार्य (Who is Saint Ramanujacharya) जी की याद में यह विशालकाय मूर्ति बनाई गई है !
